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The future of 6000 single screen cinemas hinges on the release date of the films, the multiplexes opened on July 30, 90% empty | 6000 सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों का भविष्य फिल्मों की रिलीज डेट पर टिका, 30 जुलाई को खुल चुके मल्टीप्लेक्स 90% तक खाली

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मुंबई31 मिनट पहलेलेखक: मनीषा भल्ला

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  • न हॉलीवुड की फिल्में चलीं, न रीजनल सिनेमा, लोग घर बैठे ओटीटी पर नई फिल्में देख रहे हैं

महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल के अलावा ज्यादातर राज्यों में मल्टीप्लेक्स 30 जुलाई से शुरू हो चुके हैं, मगर स्थिति यह है कि उन्हें मुश्किल से 5 से 10% ऑक्यूपेंसी मिली है। नई फिल्में रिलीज न होने से कई मल्टीप्लेक्स के परदे अब तक बंद ही हैं। ज्यादा खराब स्थिति अभी सिंगल स्क्रीन सिनेमाहॉल की है। जब तक तीन-चार बड़ी फिल्में रिलीज नहीं होतीं, तब तक थिएटर बिजनेस पटरी पर लौटने के आसार नहीं हैं।

देश में 9600 थिएटर स्क्रीन हैं। इनमें 6 हजार से ज्यादा सिंगल स्क्रीन और बाकी मल्टीप्लेक्स हैं। हर थिएटर से उनके स्टाफ के अलावा फूड, परिवहन, पब्लिसिटी और दूसरे कई सारे लोग जुड़े हुए हैं। देश के ज्यादातर उद्योगों में काम शुरू हुआ है, मगर मनोरंजन उद्योग का एक बड़ा हिस्सा अभी भी इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं है कि उसके नॉर्मल दिन कब आएंगे।

हॉलीवुड फिल्म मल्टीप्लेक्स में चली नहीं, सिंगल स्क्रीन को मिलती नहीं
दुनियाभर में बीते अप्रैल में ‘मॉर्टल कॉम्बैट’ रिलीज हो चुकी है। यह थिएटर के साथ साथ ओटीटी पर भी आ गई है। फिर भी मल्टीप्लेक्स चेन ने इस फिल्म से थिएटर ओपन करने का दांव खेला, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। दुनिया में 8 करोड़ डॉलर का बिजनेस कर चुकी यह फिल्म भारत में दर्शक नहीं जुटा पाई।

सिनेमा ओनर्स एंड एक्जिबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नीतिन दातार ने बताया कि हॉलीवुड फिल्म्स सिर्फ उसी थिएटर में लगती हैं जिनके पास 2K प्रोजेक्टर होता है। बड़े शहरों के कुछ ही सिंगल स्क्रीन थिएटर ऐसे हैं, जिनके पास यह प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम है। मतलब, ज्यादातर सिंगल स्क्रीन के लिए हिंदी फिल्मों की रिलीज का इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं है।

अभी सिनेमा चलाना मतलब खर्चा बढ़ाना
मल्टीप्लेक्स के एक स्क्रीन में औसतन 200 लोगों के बैठने की क्षमता होती है। वहीं, सिंगल स्क्रीन में ज्यादातर औसतन 700 लोगों के बैठने की। ऐसे में मल्टीप्लेक्स के लिए एक या दो स्क्रीन चलाते रहना संभव है, मगर 700 बैठक क्षमता में 50 लोग ही आते हैं तो थिएटर चालू रखना और महंगा साबित होगा।

लॉकडाउन में बिजनेस बिल्कुल बंद होने से सिंगल स्क्रीन ओनर्स अपने बिजली बिल, प्रॉपर्टी टैक्स आदि नहीं भर पाए। लिहाजा कितनों के तो कनेक्शन भी कट चुके हैं। अगर सरकार इसमें मदद नहीं करती है और लोन का इंतजाम भी नहीं हो पाता है तो थिएटर दोबारा ओपन करना मुश्किल होगा।

ज्यादा फिल्मों की रिलीज फाइनल हो तो बात बने
अभी सिर्फ ‘बेल बॉटम’ की रिलीज डेट अनाउंस हुई है। सिंगल स्क्रीन ओनर्स चाहेंगे कि और ज्यादा फिल्मों की रिलीज अनाउंस हो क्योंकि तभी उन्हें भरोसा होगा कि अब उनका बिजनेस बिना रुकावट चल सकता है।

अभी महाराष्ट्र की वजह से हिंदी फिल्मों की रिलीज को लेकर कुछ तय नहीं हो पा रहा है। इसलिए सारे सिंगल स्क्रीन ओनर्स भी उलझे हुए हैं। जब तक मुंबई सर्किट नहीं खुल जाता, तब तक स्थिति नॉर्मल नहीं हो सकती।

सितंबर में हालात शायद बेहतर बनेंगे
उत्तर भारत के फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर करण भाटिया ने बताया कि यूपी में कुछ ही सिंगल स्क्रीन थिएटर शुरू किए गए हैं। दिल्ली में तो कोई भी सिंगल स्क्रीन शुरू नहीं हुआ है। सभी अच्छी फिल्मों की बौछार के इंतजार में हैं।

अभी कुछ बड़ी फिल्मों के लिए इंतजार लंबा होगा। लोग भी सिनेमा में नॉर्मल ऑक्यूपेंसी की राह देखेंगे। ऐसे में लगता है कि सितंबर से पहले स्थिति बहाल होने की उम्मीद कम ही है।

आंध्र-तेलंगाना में रीजनल फिल्में भी पिट गईं
मल्टीप्लेक्स में हॉलीवुड की फिल्म नहीं चली। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ‘तिम्मारुसु’ और ‘इश्कः नॉट ए लव स्टोरी’ ये दो तेलुगु मूवी भी पिट गईं। कही हाउसफुल का बॉर्ड नहीं लगा। कुछ थिएटर्स में तो दर्शक नहीं आने से शोज भी कैंसिल करने पड़े।

मल्टीप्लेक्स ने लगाई ऑफर्स की बरसात
पीवीआर के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि देश में पीवीआर की कुल 846 स्क्रीन हैं, जिनमें से 13 राज्यों में 551 स्क्रीन खुल चुकी हैं। बेल बॉटम के बाद और फिल्में रिलीज होंगी, तभी थिएटर बिजनेस पटरी पर लौटेगा। पीवीआर दर्शकों को वैक्सीन पर फ्री टिकट जैसे ऑफर दे रहे हैं।

आइनॉक्स मल्टीप्लेक्स के 650 में से एक तिहाई स्क्रीन ओपन हो चुके हैं। आइनॉक्स ने बहुत ही कम दर में अपने समय पर बड़े ग्रुप के साथ फिल्म देखने के लिए प्राइवेट स्क्रिनिंग की स्कीम ऑफर की है। कंपनी का दावा है कि उन्हें देशभर में अभी तक 30 बुकिंग मिल चुकी हैं।

आइनॉक्स के चीफ प्रोग्रामिंग ऑफिसर राजेंद्र सिंह ज्याला ने बताया कि हॉलीवुड की फिल्म और साथ-साथ फ्रेंडशिप डे जैसी वजह से हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिला है ।

कार्निवल मल्टीप्लेक्स के वाइस प्रेसिडेंट कुणाल साहनी ने बताया- हमारे 464 में से 100 स्क्रीन 12 अगस्त से ओपन होंगे। पहले दो सप्ताह तक मल्टीप्लेक्स में दर्शकों को फ्री पॉपकॉर्न दिए जाएंगे।

बेल बॉटम की ऑक्यूपेंसी और महाराष्ट्र तय करेंगे आगे की राह
ट्रेड एनालिस्ट और फिल्म प्रोड्यूसर गिरीश जौहर का कहना है कि अक्षय कुमार की बेल बॉटम और हॉलीवुड की फास्ट एंड फ्यूरियस-9 में क्या ऑक्यूपेंसी मिलती है, उसके आधार पर दूसरी फिल्मों की रिलीज तय होगी। बेल बॉटम रिलीज हो, इससे पहले ही महाराष्ट्र में सिनेमा घर की अनुमति का फैसला आ जाने की उम्मीद है। 15 अगस्त तक मुंबई टेरिटरी ओपन होती है तो थिएटर बिजनेस में गतिविधियां तेजी से शुरू होंगी।

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